राहु की पकड़ एक सेकंड अखंड भी हो तो
लोक बांधव समाप्त हो जाएगा क्या?
मूर्ख घड़ी के कांटे को रोक दे तो
काल गमन उल्टा हो जाएगा क्या?
कुटिल जन के सम्मिलन को
एक क्षण पल का विजय मिल जाए तो
ये विश्व सृष्टि विच्छिन्न हो जाएगा क्या?
सारे असुर मार्ग में अवरोध डालें तो
पूरी मानव जात मिट जाएगा क्या?
Above poem(or just snippet of poem) is from Telugu book naa desham naa prajalu(my country my people) written by Gunturu seshendra sharma.
Hindi Translation by telugufile